मन के अंधकार को दूर करती है भागवत कथा

मन के अंधकार को दूर करती है भागवत कथा

रानू पाण्डेय

खानपुर।परसनी स्थित श्री ठाकुर जी प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को कथा व्यास स्वामी श्री विजयानंद गिरी ने श्रद्धालुओं को भक्ति, सदाचार और सत्संग के महत्व का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा मनुष्य के जीवन को दिव्यता की ओर ले जाती है। जो व्यक्ति भक्ति मार्ग पर चलता है, उसके जीवन से अहंकार, लोभ और क्रोध स्वतः दूर हो जाते हैं। स्वामी जी ने कहा कि मनुष्य को अपने कर्मों को प्रभु को समर्पित कर निस्वार्थ भाव से कार्य करना चाहिए, यही सच्ची साधना है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे दीपक अंधकार मिटाता है, वैसे ही भागवत कथा मन के अंधकार को दूर करती है। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।इस अवसर पर विवेक,जुगनू,रुकमेश नारायण,प्रमोद कुमार पाण्डेय,केसराज सिंह,चंद्रशेखर मिश्रा,अखिलेश दुबे,रमाकांत त्रिपाठी, अजीत,मनोज सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।