नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले शातिर अंतर्जनपदीय ठग गिरफ्तार
रानू पाण्डेय
खानपुर।मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना कौशल विकास योजना में संविदा पर नौकरी दिलाने के नाम पर अनगिनत युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए उन्हें फर्जी नियुक्त पत्र देकर उनसे लाखों रूपए की ठगी करने वाले शातिर अंतर्जनपदीय ठग को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। ठग की गिरफ्तारी के बाद अब मुकदमा दर्ज कराने वालों के अलावा भी अन्य कई युवा सामने आ रहे हैं, जिन्होंने इसे नौकरी के लिए रूपए दिए थे।
बीते 17 जुलाई को भदैला निवासी पंकज सोनकर पुत्र हीरालाल सोनकर ने थाने में नामजद तहरीर देते हुए बताया कि प्रयागराज के नैनी स्थित एडीए कॉलोनी निवासी आशीष अरोड़ा से हमारा संपर्क हुआ तो उसने खुद को पहुंच वाला बताकर नौकरी लगवाने की बात कही। इसके बाद झांसा दिया कि वो केंद्र सरकार के कौशल विकास योजना में संविदा पर नौकरी लगवा सकता है। इसके लिए उसने 7 लाख रूपए नकद व डेढ़ लाख रूपए खाते में मांगे। उसने ये झांसा पंकज समेत अमरदीप चौहान, मनीष यादव, मनीष शर्मा, विशाल सोनकर, आदित्य सोनकर, अमित जायसवाल, सुनील सोनकर आदि को दिया था और सभी उसके झांसे में फंसकर उसका शिकार बन गए। रूपए हासिल होने के बाद उसने विश्वास जमाने के लिए सभी को फर्जी नियुक्त पत्र देते हुए उन्हें आईडी, लेटर कार्ड, टीएडीए पास आदि उनके व्हाट्स एप पर भेज दिया। लेकिन इसके बावजूद जब किसी को नियुक्ति नहीं मिली तो उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने पड़ताल की तो पूरा मामला फर्जी निकला। जिसके बाद उन्होंने रूपए मांगे तो वो धमकाते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। इस बीच सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपी को औड़िहार से गिरफ्तार कर लिया और संबंधित धाराओं में जेल भेज दिया। इस बाबत गुरूवार की शाम 4 बजे क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण तिवारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इधर आरोपी के गिरफ्तार होने की सूचना के बाद पुलिस के पास ठग का शिकार हुए और भी बहुत से पीड़ित आकर शिकायत करने लगे। ऐसे में संभावना है कि आरोपी द्वारा ठगी की ये रकम एक करोड़ रूपए के भी पार जा सकती है। बहरहाल, पुलिस मामले की जांच भी कर रही है।




