बाहर आएगा डायना का हत्यारा - विदेशी टूरिस्ट डायना हत्याकांड में आरोपी को राज्यपाल ने दी दया माफी, चर्चा में फिर से मामला
गाजीपुर: वर्ष 1997 में भारत में हुई एक खौफनाक हत्या ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। न्यूजीलैंड की पर्यटक डायना राउटले क्लेयर की हत्या के मामले में आरोपी टूरिस्ट गाइड धर्मदेव यादव की सजा को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए माफ कर दिया है। यह मामला अब एक बार फिर से चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि यह न केवल न्यायिक प्रणाली की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि यह समाज में अपराध और दया माफी के मुद्दों पर भी बहस को जन्म देता है।
1997 में, डायना भारत के वाराणसी में एक गेस्ट हाउस में ठहरी थीं। धर्मदेव यादव, जो गाजीपुर का निवासी था, ने उन्हें गाजीपुर घुमाने का लालच देकर अपने घर ले गया। यहां उसने डायना की हत्या कर दी और उनकी लाश को अपने ही घर में दफन कर दिया। पुलिस ने धर्मदेव को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर डायना का कंकाल बरामद हुआ। डीएनए परीक्षण से भी इसकी पुष्टि हुई कि यह कंकाल डायना का है।
इस मामले में न्यायालय ने 25 फरवरी 2003 को धर्मदेव यादव को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई। हालांकि, उच्च न्यायालय ने इस सजा को बरकरार रखा, लेकिन 2014 में सर्वोच्च न्यायालय ने इसे 20 वर्ष के कठोर कारावास में बदल दिया। पिछले कुछ वर्षों में, धर्मदेव का जेल में आचरण संतोषजनक पाया गया, जिसके आधार पर दया याचिका समिति ने उसकी रिहाई के पक्ष में संस्तुति दी।
इस पर टिप्पणी करते हुए गाजीपुर के जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा, "यदि शासन से कोई भी आदेश आता है तो उस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।" जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय सोनी ने बताया कि ऐसे दया माफी के मामले अक्सर आते रहते हैं और प्रत्येक मामले की गंभीरता के अनुसार उसकी जांच होती है।
हालांकि, इस मामले पर कई सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि ऐसी दया माफी से अपराधियों का हौसला बढ़ता है। सामाजिक कार्यकर्ता सुमन वर्मा ने कहा, "इस प्रकार की माफी से यह सन्देश जाता है कि गंभीर अपराध करने वाले भी आसानी से सजा से बच सकते हैं। हमें न्यायिक प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है।"
समाज के विभिन्न वर्गों में इस दया माफी को लेकर अलग-अलग राय है। कुछ लोग इसे न्याय की जीत मानते हैं, जबकि अन्य इसे एक गंभीर अपराध के प्रति नरमी के रूप में देखते हैं।




