गरीबी का सहारा बन हाथों में हॉकी थमाया तेजू भैया ,- अजीत 

गरीबी का सहारा बन हाथों में हॉकी थमाया तेजू भैया ,- अजीत 

रानू पाण्डेय


खानपुर।अजीत यादव जनपद के एक छोटे से गांव से आते हैं और समाज के सबसे गरीब तबके से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता किसानी का काम करते थे  मुश्किल से अपना गुजारा कर पाते थे, ऐसे में हॉकी खेलने के उनके सपने को पूरा करना तो दूर की बात थी।लेकिन अजीत ने अपना मकसद ढूंढ लिया था। उन्हें पता था कि हॉकी के खेल के जरिए ही वो अपने सपनों को साकार कर पाएंगा, इसलिए अजीत ने गरीबी से ऊपर उठकर अपने जुनून को जीना जारी रखा।

अजीत यादव ने खेल में कदम रखने के बाद काफी कठिनाइयों का सामना किया। मगर हीरे की पहचान जौहरी वाली कहावत स्व तेज़बहादुर सिंह ने सही साबित कर दिया और हॉकी का ककहरा सिखाने वाले गुरु इंद्रदेव राजभर ने धीरे-धीरे प्रगति करते हुए प्रतिभाशाली उभरते हॉकी खिलाड़ियों को पेशेवर खिलाड़ी के रूप में प्रशिक्षित किया जिले से राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में भाग लिया और लखनऊ स्पोर्ट हॉस्टल में चयन हुआ ।लेकिन घर में आर्थिक समस्याओं से जुझना पड़ा लेकिन तेजू भैया ने पूरा सहयोग किया