एनएच 124 डी के किसानों द्वारा मुआवजा मांगने पर शांति भंग में जारी की गई नोटिस किसानों में आक्रोश
जखनियां
सैदपुर से मरदह तक बनने वाले एन एच 124डी में जखनिया ब्लाक अंतर्गत मोलनापुर उर्फ तालगांव के करीब 28 किसानो की जमीन अधिग्रहित की गई है जिसमें मात्र दो या तीन लोगों का भुगतान हुआ है अन्य किसान आज भी मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं मुआवजे के नाम पर अधिकारी आश्वासन देते जा रहे हैं जिससे क्षेत्रीय किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है एक माह पूर्व किसानों ने कार्य रोक दिया था जिस पर उच्च अधिकारियों द्वारा कार्य शुरू करने के लिए किसानों को राजी किया और कहा कि एक-दो दिन में सभी लोगों का पैसा मिल जाएगा लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिला
अधिकारी इतने निरंकुश हो गए है इसकी एक बानगी यह भी है एनएच 124डी निर्माण कार्य के अंतर्गत मोलनापुर उर्फ तालगांव में देखने को मिल रहा है किसानों की जमीन बिना मुआवजा दिए ही जबरदस्ती कब्जा करके सड़क निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। क्षेत्रीय लेखपाल से लेकर एसडीएम व सीआरओ जैसे उच्च अधिकारी भी मौके पर जाकर केवल किसानों को आश्वासन देने का कार्य कर रहे ही बार बार यही कहा जा रहा है कि पैसा दो या तीन दिन में आ जाएगा लेकिन पूरे डेढ़ महीने हो गए अभी भी किसानों को मुआवजा का पैसा उनके खाते में नहीं आया
मुआवजा का पैसा तो दूर अब अपनी आवाज उठाने वाले किसानों पर मुकदमा दर्ज कर उनकी आवाज दबाने का कार्य बहुत ही सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है ऐसे अधिकारी की संस्तुति पर मुकदमा कायम किया गया जो कि मौके पर गए ही नहीं और अपने चहेतों की पैरबी के आधार पर एक जाति विशेष के किसानों को फसाने का कार्य किया जा रहा है जो कि न्यायोचित नहीं है अधिकारी निरंकुश हो चुके है इसमें क्षेत्रीय नेताओं की भूमिका पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा है




