तीन दिन बाद अपहरण हुआ अमर राजस्थान के भरतपुर में मिला-बड़े गिरोह के शामिल होने की आशंका

तीन दिन बाद अपहरण हुआ अमर राजस्थान के भरतपुर में मिला-बड़े गिरोह के शामिल होने की आशंका

सैदपुर : थाना क्षेत्र के भीतरी मे बीते रविवार क़ो कोचिंग पढ़कर जा रहे कक्षा 8 के छात्र के सनसनीखेज अपरहण मामले मे पुलिस उक्त छात्र क़ो राजस्थान के भरतपुर से सकुशल बरामद कर लिया। जिसके बाद परिजन व पुलिस उसे लेकर वापस सैदपुर आए। यहां आने के बाद छात्र के पिता ने इस मामले में सनसनीखेज बयान देते हुए अपने बेटे का अपहरण होने का पुनः दावा किया और इसमें बड़े गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई। वहीं पुलिस ने मामले को संदिग्ध बताते हुए छानबीन की बात कही है। कोतवाली लाने के बाद पुलिस ने बालक का बयान लिया।
बता दे की जीयनचक गांव निवासी कक्षा 8 का छात्र 14 वर्षीय अमर मोहन बिंद सैदपुर से कोचिंग पढ़कर रविवार को वापस घर जा रहा था और रास्ते से ही गायब हो गया। इस बीच सोमवार की सुबह अमर ने अपने चाचा निलेश को फोन कर बताया कि कोचिंग से घर लौटने के दौरान भितरी मोड़ के पास से पिकअप से आए कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया था और अभी मुझे लेकर राजस्थान के भरतपुर तक आ गए हैं। उसने बताया कि उन्होंने अन्य बच्चों का भी अपहरण किया है। लेकिन मैं कूदने में सफल हो गया। ये जानकर परिजनों के होश उड़ गए थे। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी तो पुलिस के साथ ही परिजन भी राजस्थान के लिए रवाना हुए। मंगलवार की शाम 4 बजे कोतवाली में छात्र का बयान लिया गया। उसके बयान के बाद उसके पिता ने हैरान कर देने वाली बातें कैमरे पर बताईं। कहा कि उनके बेटे ने बताया कि उसके साथ जमानियां का कोई मिथिलेश व 4 अन्य बच्चे भी कूदे थे। जिसमें 4 बच्चे सरसो के खेत में भाग गए, वहीं मिथिलेश दूसरी तरफ और मैं दूसरी तरफ भाग गया। बताया कि इसके बावजूद अपहरणकर्ताओं की गाड़ी में 2 छोटे बच्चे रह गए। उसके पिता ने बताया कि बातचीत के दौरान अमर ने बताया था कि हम राजस्थान के भरतपुर में बयाना से पूर्व ही कूद गए थे। उसने बताया कि जिन्होंने उसका अपहरण किया, उनके पास विदेशी हथियार व सेटेलाइट फोन तक थे। फिर कहा कि कोड भाषा में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इन्हें वापी होते हुए पुणे पहुंचा रहा हूं, जहां से शिप से कहीं भेजने की बात कर रहे थे। पिता ने कहा कि उम्मीद है कि इस रैकेट का पुलिस पर्दाफाश करके ही रहेगी। इधर कोतवाल वीरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि मामले में छात्र का बयान लिया गया है। कहा कि बयानों के आधार पर मामला कुछ संशयपूर्ण लग रहा है। ऐसे में बारीकी से छानबीन की जा रही है। बहरहाल, सवाल ये उठ रहे हैं कि अगर कोई जमानियां का बालक है तो उसका पता अब तक क्यों नहीं लगा। साथ ही जिन बदमाशों के पास विदेशी हथियार व सेटेलाइट फोन जैसी सुविधाएं हैं, वो पिकअप से अपहरण कर रहे हैं और ऐसी जगह रख रहे हैं, जहां से एक साथ करीब सभी अपहृत आसानी से कूदकर भाग सकें। इन सवालों के जवाब तभी मिलेंगे, जब बारीकी से पुलिस की जांच पूरी हो सके।