मंज़ूर शाह बाबा उर्स में उमड़ा अकीदतमंदों का हुजूम

मंज़ूर शाह बाबा उर्स में उमड़ा अकीदतमंदों का हुजूम

रानू पाण्डेय

खानपुर। बहेरी स्थित साई की तकिया पर हज़रत शाह मंजूर आलम साहब  की दरगाह पर गुरुवार को दो दिवसीय दसवां उर्स शरीफ का आग़ाज़ चादरपोशी की रस्म के साथ हुआ। उर्स में चादरपोशी के मौके पर अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कुरान खानी और कलमा पढ़ने के बाद मजार-ए-पाक पर चादर पेश की गई। माना जाता है कि हज़रत मंज़ूर शाह बाबा की दरगाह पर मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।
इस मौके पर मौलाना मासूम अली खां ने अमन, मोहब्बत और भाईचारे का पैग़ाम देते हुए कहा कि इंसानियत सबसे बड़ा मज़हब है, और हमें आपसी इत्तेहाद के साथ रहना चाहिए। उर्स में खानपुर और आसपास के दीगर क़स्बों से सैकड़ों जायरीन शरीक हुए। हज़रत की दरगाह पर लगने वाला ये उर्स सदियों से मज़हबी हमआहंगी और गंगा-जमुनी तहज़ीब की ज़िंदा मिसाल है, जिसमें हिंदू बिरादरी के लोग भी बड़ी तादाद में शामिल होते हैं। उर्स के मौक़े पर इंतेज़ामिया की जानिब से सुरक्षा और जायरीन की सहूलियत के लिए रोशनी, पानी और सफ़ाई के ख़ास इंतज़ाम किए गए हैं। उर्स मुबारक का आयोजन मासूम अली खान, डॉ० राकेश कुमार सिंह, सरवर अली खान, संरक्षक राम गोपाल सिंह तथा संचालन ह० मुशर्रफ अली चिश्ती व ह० उस्मान आलम चिश्ती ने किया।