कोचिंग और लाइब्रेरी सील होने पर भड़के छात्र, सैदपुर में जोरदार प्रदर्शन

कोचिंग और लाइब्रेरी सील होने पर भड़के छात्र, सैदपुर में जोरदार प्रदर्शन

सैदपुर: सुरक्षा मानकों का पालन न करने के आरोप में प्रशासन द्वारा तीन लाइब्रेरी और कोचिंग संस्थानों को सील किए जाने के विरोध में बुधवार को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं ने जमकर प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लेकर सड़क पर उतरे छात्रों ने "हमारा अधिकार, मत करो इस पर प्रहार", "कोचिंग खोलो, लाइब्रेरी खोलो" और "हमारे भविष्य से मत खेलो" जैसे गगनभेदी नारे लगाए। छात्रों ने प्रशासन से सील की गई लाइब्रेरियों और सेंटरों को तुरंत दोबारा खुलवाने की मांग की है।अचानक कार्रवाई से बाधित हुई पढ़ाईआक्रोशित छात्रों का कहना है कि दो दिन पहले प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक क्षेत्र के भितरी मोड़ और रावल मोड़ पर चल रहे संस्थानों को सील कर दिया। जब वे रोज की तरह सुबह अपनी पढ़ाई के लिए पहुंचे, तो वहां ताले लटके मिले। इससे छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो गई है। छात्रों ने बताया कि वे अपने घरों में शोर-शराबे और जगह की कमी के कारण शांत माहौल में पढ़ने के लिए लाइब्रेरी आते हैं। अब अचानक इन्हें बंद कर दिए जाने से उनकी आगामी परीक्षाओं की तैयारी पर गहरा संकट मंडरा रहा है।छोटे संस्थानों को निशाना बनाने का आरोपप्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बड़े और रसूखदार संस्थानों को छोड़कर केवल छोटे संस्थानों को ही विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है। गौरतलब है कि हाल ही में लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुई एक भीषण अग्निकांड की घटना के बाद, उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर पूरे प्रदेश में कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरियों के खिलाफ व्यापक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सैदपुर में भी यह कार्रवाई की गई है।छात्रों की मांग: सील करने के बजाय सुधार का मिले समयप्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि वे सुरक्षा मानकों के विरोध में नहीं हैं। उनका कहना था कि जिन संस्थानों में केवल छोटी-मोटी कमियां हैं, उन्हें तत्काल सील करके छात्रों के भविष्य को दांव पर लगाने के बजाय, एक निश्चित समय सीमा देकर कमियां दूर करने का अवसर दिया जाना चाहिए था। सरकार और प्रशासन को मिलकर ऐसा बीच का रास्ता निकालना चाहिए जिससे सुरक्षा भी सुनिश्चित हो और लाखों छात्रों की पढ़ाई का नुकसान भी न हो।उग्र आंदोलन की चेतावनीछात्रों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सहानुभूतिपूर्वक विचार कर संस्थानों को नहीं खोला गया, तो वे बड़े पैमाने पर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे। इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से रीता कुमारी, अंकिता यादव, सुमित्रा यादव, रिया यादव, खुशी कुमारी, काजल गुप्ता, पवन कुमार, शशिकांत कुमार, राहुल कुमार, पंकज यादव, अनुज पांडेय, पीयूष कुमार, आलोक कुमार, सतीश कुमार सहित भारी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल रहे।