रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने वालों को बड़ी राहत, अब स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता खत्म
गाजीपुर। रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने वाले विद्युत उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर है। अब सोलर सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता पूरी तरह से खत्म कर दी गई है। इसके स्थान पर अब नेट मीटर (नॉर्मल मीटर) लगाए जाएंगे। इस संबंध में जिला अधिकारी (DM) आर्यका अखौरी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। गाजीपुर ऑडिटोरियम हॉल में हनुमंत रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड (मोबाइल नंबर: 9936150808, 9936150809, 8175020469) की ओर से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में पहुंचे जिला अधिकारी ने बताया कि सरकार की ओर से रूफटॉप सोलर सिस्टम को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। उन्होंने जनता से अपील की है कि अधिक से अधिक लोग इस सब्सिडी का लाभ उठाकर अपने घरों पर सोलर सिस्टम लगवाएं।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि रूफटॉप सोलर सिस्टम में दो प्रकार की व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं:
नॉन-हाइब्रिड सिस्टम
हाइब्रिड सिस्टम
हाइब्रिड सोलर सिस्टम में उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुसार लिथियम बैटरी लगाई जाती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि बिजली कटौती (पावर कट) के समय भी उपभोक्ताओं को लगातार बैकअप की सुविधा मिलती रहती है।
लागत और मिलने वाली सब्सिडी
हनुमंत रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी कंपनी की ओर से घरेलू उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम लगाने में विशेष सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने लागत का विवरण देते हुए बताया:
2 किलोवाट (2kW) सोलर सिस्टम की कुल लागत: करीब ₹1.30 लाख है।
सरकारी सब्सिडी: इस पर सरकार द्वारा लगभग ₹90 हजार तक की सब्सिडी दी जा रही है।
सब्सिडी प्रक्रिया: सोलर संयंत्र लगाने के बाद उपभोक्ता का सत्यापन (verification) किया जाता है। इसके बाद सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ता के खाते में निर्धारित प्रक्रिया के तहत भेज दी जाती है।
कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि जो उपभोक्ता एक साथ पूरी राशि जमा करने में असमर्थ हैं, उनके लिए बैंक लोन (Bank Loan) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे लोग आसानी से किस्तों पर अपने परिसर में सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिला प्रशासन और विद्युत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से अधिशासी अभियंता विवेक खन्ना और अधिशासी अभियंता गोपाल सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी शामिल थे।


