मौधा-उचौरी समिति पर डीएपी का संकट, आधा दर्जन गांवों के किसान परेशान

मौधा-उचौरी समिति पर डीएपी का संकट, आधा दर्जन गांवों के किसान परेशान

रानू पाण्डेय की रिपोर्ट

खानपुर। धान की रोपाई का कार्य पूरे क्षेत्र में तेजी से चल रहा है, लेकिन मौधा-उचौरी साधन सहकारी समिति पर अब तक डीएपी खाद नहीं पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। समिति से जुड़े मौधा, उचौरी सहित करीब आधा दर्जन गांवों के हजारों किसान खाद के लिए प्रतिदिन समिति का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। समय पर डीएपी नहीं मिलने से धान की रोपाई और फसल की शुरुआती बढ़वार प्रभावित होने की आशंका है।क्षेत्र के किसानों का कहना है कि धान की नर्सरी पूरी तरह तैयार है और अधिकांश खेतों में रोपाई शुरू हो चुकी है। रोपाई के समय डीएपी सबसे जरूरी उर्वरक होती है, लेकिन समिति पर इसकी अनुपलब्धता के कारण किसानों को निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहां भी खाद या तो पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है या फिर अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है।किसानों का कहना है कि सहकारी समिति से उचित दर पर खाद मिलने की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार समय पर आपूर्ति नहीं होने से परेशानी बढ़ गई है। कई किसान रोज समिति पहुंच रहे हैं, लेकिन हर बार खाद आने का इंतजार करने की बात कहकर वापस भेज दिया जा रहा है। इससे किसानों की खेती की पूरी योजना प्रभावित हो रही है।किसानों ने सहकारिता विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल मौधा-उचौरी समिति पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द खाद की आपूर्ति नहीं हुई तो धान की रोपाई प्रभावित होगी और इसका असर उत्पादन पर भी पड़ सकता है। किसानों ने चेतावनी दी कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा।