बिजली के खंभे में करंट आने से 26 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम

बिजली के खंभे में करंट आने से 26 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम

सैदपुर: वाराणसी के उमरहां स्थित स्वर्वेद महामंदिर के पास बीते शाम एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से सैदपुर नगर निवासी 26 वर्षीय चाट विक्रेता सचिन मोदनवाल की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।  जानकारी के अनुसार, नगर के वार्ड 5 पटेल नगर निवासी सचिन मोदनवाल (पुत्र प्रमोद मोदनवाल) पिछले कुछ महीनों से वाराणसी जनपद के चौबेपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत उमरहा में अपनी पत्नी वर्षा मोदनवाल के साथ किराए के मकान में रह रहा था। वह स्वर्वेद महामंदिर के पास चाट-गोलगप्पे का ठेला लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। बीते कुछ दिनों से उसकी पत्नी वर्षा गर्मी की छुट्टियाँ बिताने अपने मायके गोण्डा गई हुई थी।  बताया जा रहा है कि बीते शाम क्षेत्र में तेज बारिश हुई थी, जिसके बाद मंदिर परिसर के बाहर लगे एक बिजली के खंभे में करंट उतर आया। इसी दौरान खंभे के पास ठेला लगाने वाला सचिन मोबाइल फोन पर किसी से बात कर रहा था। बातचीत में मग्न सचिन का हाथ अनजाने में बिजली के खंभे से छू गया। करंट लगते ही वह बुरी तरह झुलस कर जमीन पर गिर पड़ा।   आसपास मौजूद लोगों ने आनन-फानन में किसी तरह सचिन को खंभे से अलग किया और तुरंत पास के एक निजी अस्पताल ले गए। वहाँ डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। हादसे से घबराए परिजन पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव को लेकर वापस सैदपुर स्थित अपने घर चले आए।  सचिन दो भाइयों में दूसरे नंबर पर था और उसका विवाह लगभग दो वर्ष पूर्व ही हुआ था। अभी उसकी कोई संतान नहीं थी। सचिन के निधन की खबर मिलते ही पिता प्रमोद, माँ रेखा, पत्नी वर्षा और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सचिन बेहद कुशल और मिलनसार व्यवहार का युवक था।  देर रात घर पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय संभ्रांत लोगों ने परिजनों को समझाया, जिसके बाद परिजन शव को लेकर चौबेपुर थाना पहुँचे और पुलिस को घटना की लिखित तहरीर दी। चौबेपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। देर शाम शव घर पहुँचने पर परिजनों में एक बार फिर कोहराम मच गया, जिसके बाद नगर के रौजाद्वार स्थित कोटघाट श्मशान घाट पर मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।