खंभे गायब, बांस के सहारे बिजली; कुढालम्बी आलमपुर में हर पल हादसे का खतरा
रानू पाण्डेय की रिपोर्ट
खानपुर। सरकार सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावे कर रही है, लेकिन क्षेत्र के कुढालम्बी आलमपुर गांव की हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। यहां कई परिवार आज भी बिजली के खंभों के अभाव में बांस-बल्ली के सहारे खींचे गए तारों से बिजली जलाने को मजबूर हैं। यह अस्थायी व्यवस्था ग्रामीणों की जान पर भारी पड़ रही है और हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।ग्रामीणों सहित कई उपभोक्ताओं के घरों तक बिजली के तार बांस-बल्ली के सहारे पहुंचाए गए हैं। बरसात और तेज हवा चलने पर बांस हिलने लगते हैं, जिससे तार नीचे झूल जाते हैं। ऐसे में करंट फैलने या तार टूटकर गिरने का खतरा बना रहता है। गांव के बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं रोज इसी जोखिम के बीच आवागमन करते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। वर्षों बीत जाने के बाद भी न तो बिजली के पोल लगाए गए और न ही कोई स्थायी समाधान किया गया।ग्रामीण अभिषेक यादव ने बताया कि संबंधित सभी उपभोक्ता नियमित रूप से बिजली बिल जमा करते हैं और किसी पर विभाग का एक रुपये का भी बकाया नहीं है। इसके बावजूद विभाग सुरक्षित बिजली व्यवस्था देने के बजाय आंखें मूंदे बैठा है। उन्होंने कहा कि लगता है विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल बिजली के पोल लगवाकर स्थायी व्यवस्था कराने तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।



