मृत संविदाकर्मी के परिजनों से मिले अधीक्षण अभियंता, एक लाख की आर्थिक सहायता सौंपी
खानपुर। करंट लगने से मृत संविदा विद्युतकर्मी धर्मेंद्र यादव के परिजनों से सोमवार को विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना एवं सैदपुर तृतीय के अधिशासी अभियंता सुधाकर ने उनके आवास पर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। अधिकारियों ने विभाग की ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक परिजनों को सौंपा।अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना ने कहा कि विभाग इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नियमानुसार मिलने वाले सभी देय लाभ जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे और विभाग हरसंभव सहयोग करेगा। अधिशासी अभियंता सुधाकर ने भी परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर स्तर पर मदद का भरोसा दिलाया।इस मौके पर एसडीओ अजय कुमार, भाजपा नेता राम तेज पांडेय, कैलाश यादव, रामानुज यादव, संतोष यादव, जितेंद्र यादव सहित विभागीय कर्मचारी एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अभिलेखों पर उठे सवाल, लॉग शीट व शिकायत पंजिका को लेकर परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
खानपुर। करंट हादसे में जान गंवाने वाले संविदा विद्युतकर्मी धर्मेंद्र यादव के मामले में अब विद्युत विभाग के अभिलेखों पर भी सवाल उठने लगे हैं। मृतक के भाई ने आरोप लगाया है कि हादसे के बाद उपकेंद्र से लॉग शीट और संविदा कर्मचारियों का उपस्थिति रजिस्टर गायब कर दिया गया, ताकि महत्वपूर्ण साक्ष्यों को छिपाया जा सके। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।वहीं, खानपुर विद्युत उपकेंद्र की विद्युत दोष शिकायत पंजिका भी सवालों के घेरे में है। पंजिका के अनुसार 11 जून से 5 जुलाई तक उपकेंद्र के चारों फीडरों से बिजली खराब होने की एक भी शिकायत दर्ज नहीं है। जबकि इसी अवधि में 4 जुलाई को कार्य के दौरान करंट लगने से धर्मेंद्र यादव की मौत हो गई, लेकिन इस गंभीर घटना का भी पंजिका में कोई उल्लेख नहीं किया गया। आश्चर्य की बात यह है कि 5 जुलाई से खबर लिखे जाने तक शिकायत पंजिका में सात शिकायतें दर्ज कर ली गईं। इन तथ्यों के सामने आने के बाद अभिलेखों के रखरखाव और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने आरोपों पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर सभी बिंदुओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



