बच्चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में जमकर मारपीट व पथराव; नौ घायल, सात रेफर

बच्चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में जमकर मारपीट व पथराव; नौ घायल, सात रेफर

 

सेवराई (गाजीपुर), शनिवार। गहमर थाना क्षेत्र के मगरखाई गांव में बच्चों के बीच शुरू हुआ मामूली विवाद शनिवार को हिंसक झड़प में बदल गया। बारात के दौरान हुए विवाद के बाद दो पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट तथा पथराव हुआ। घटना में कुल नौ लोग घायल हो गए। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदौरा में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सात घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मगरखाई गांव में एक बारात आई हुई थी। बारात में आयोजित नृत्य कार्यक्रम के दौरान दो युवकों के साथ कुछ लोगों द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप है। घायल युवक घर पहुंचकर अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन शिकायत लेकर दूसरे पक्ष के दरवाजे पर पहुंचे। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों की ओर से ईंट-पत्थर भी चलाए गए। अचानक हुए पथराव और मारपीट से गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना में कई लोगों को गंभीर चोटें आईं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया।

घायलों में सुबोध कुमार (23) पुत्र श्रीकांत राम, नीतीश कुमार (18) पुत्र जयराम, जगनारायण राम (40) पुत्र बिहारी राम, सोनेलाल राम (40) पुत्र बनारसी राम, कृष्णा कुमार (25) पुत्र हरिनारायण राम, रामलाल राम (50) पुत्र सहतु राम, सूरज कुमार (25) पुत्र सोनेलाल राम, मनीष कुमार (26) पुत्र मनोज कुमार तथा अविनाश कुमार (26) पुत्र रामलाल राम शामिल हैं।

घटना के बाद गांव में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा। हालांकि पुलिस की सक्रियता से स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।

गहमर थाना निरीक्षक नंदकुमार तिवारी ने बताया कि मारपीट की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। दोनो पक्षों के तहरीर के आधार पर लगभग छह-छह लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल

मारपीट में घायल लोगों के उपचार के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदौरा की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चिकित्सक अपने कक्ष में बैठकर केवल दवाएं लिखने और रेफर करने का कार्य कर रहे थे, जबकि घायलों की पट्टी, बैंडेज और टांके लगाने का कार्य चपरासी, वार्ड बॉय सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा था। परिजनों का आरोप है कि गंभीर रूप से घायल मरीजों का समुचित उपचार नहीं किया गया और अधिकांश कार्य गैर-चिकित्सकीय कर्मचारियों के भरोसे छोड़ दिया गया। इसको लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। वही ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक प्रवीण कुमार मिश्रा से बात करने पर बताया कि वार्डव्याय बैंडेज पट्टी का कार्य कर सकते हैं वही चपरासी के बैंडेज पट्टी करने के सवाल पर नीरूत्तर हो गए और हकलाने लगे।

मीडिया को घायल से बात करने पर पुलिस ने किया मना, हुई बहस

इस दौरान गहमर थाने की पुलिस पीड़ितों से मीडिया कर्मियों द्वारा बात किए जाने को लेकर आपत्ति जताया गया है पुलिस द्वारा मीडिया कर्मी को घायल से कोई भी बात नहीं करने की बात की गई जिसको लेकर मीडिया व पुलिस कर्मियों में भी तीखी बहस के बाद पुलिसकर्मी घायलों से बात नहीं करने की जिद से हटे । जिससे गहमर पुलिस भी सवालों के घेरे में आ गयी कि आखिरकार मीडिया कर्मियों को घायलों से बात क्यों नहीं करने दिया जा रहा था?