तेज गर्मी और उमस से आम कारोबारियों की बढ़ी चिंता, दो दिन में खराब हो रहे फल

तेज गर्मी और उमस से आम कारोबारियों की बढ़ी चिंता, दो दिन में खराब हो रहे फल

रानू पाण्डेय की रिपोर्ट

खानपुर। भीषण गर्मी और बढ़ी हुई उमस का असर अब फलों के कारोबार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। बाजारों में आम की भरपूर आवक होने के बावजूद फल विक्रेताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि पके हुए आम एक-दो दिन में ही खराब होने लगे हैं। इससे कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है और बिक्री प्रभावित हो रही है।
क्षेत्र के फल बाजारों में इन दिनों दशहरी, लंगड़ा, चौसा, सफेदा और अमरपाली किस्म के आमों की अच्छी आमद हो रही है। मांग भी बनी हुई है, लेकिन तेज गर्मी और नमी के कारण फल अधिक दिनों तक सुरक्षित नहीं रह पा रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि पहले आम चार-पांच दिनों तक आसानी से बिक जाते थे, लेकिन अब दो-तीन दिन में ही फल सड़ने लगते हैं। ऐसे में खराब हो चुके आमों को अलग करना पड़ता है, जिससे रोजाना आर्थिक नुकसान हो रहा है।
फल विक्रेता प्रदीप ने बताया कि प्रतिदिन कई पेटी आम की बिक्री होती है, लेकिन अत्यधिक तापमान के कारण कुछ मात्रा में फल खराब हो जाते हैं, जिससे सीधे मुनाफे पर असर पड़ रहा है। वहीं दुकानदार असलम खान ने कहा कि इस समय सबसे बड़ी चुनौती आम को सुरक्षित रखना है। यदि समय पर बिक्री नहीं हो पाती तो नुकसान तय है।उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार आम एक क्लाइमेक्टेरिक फल है, जो पकने के बाद तेजी से एथिलीन गैस छोड़ता है। अधिक तापमान और उमस में यह प्रक्रिया तेज हो जाती है, जिससे फल जल्दी नरम होकर खराब होने लगते हैं। उन्होंने दुकानदारों को पके और कच्चे आम अलग-अलग रखने तथा ठंडी और हवादार जगह पर भंडारण करने की सलाह दी है।फल कारोबारियों का कहना है कि मौसम का यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है। ऐसे में उचित भंडारण और समय पर बिक्री ही नुकसान से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।

ऐसे बचाएं आम को खराब होने से

पके और कच्चे आम अलग-अलग रखें

सीधे धूप से बचाकर ठंडी व हवादार जगह पर रखें।

खराब या सड़े फलों को तुरंत अलग कर दें।

एक के ऊपर एक अधिक पेटियां न रखें।

रात में तिरपाल या गीले बोरे से ढंककर रखें, लेकिन अधिक नमी से बचें।

जरूरत पड़ने पर फ्रिज में रखकर आम को चार-पांच दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है।