पीड़ित ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह ने MLC चंचल सिंह के दरबार में लगाई न्याय की गुहार, राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज

पीड़ित ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह ने MLC चंचल सिंह के दरबार में लगाई न्याय की गुहार,   राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज

सैदपुर।  पीड़ित ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह यादव ने एमएलसी (MLC) चंचल सिंह के दरबार में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। इस घटना के बाद गाजीपुर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी भाजपा सरकार पर न्यायोचित कार्रवाई न करने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पीड़ित ब्लॉक प्रमुख ने सीधे एमएलसी चंचल सिंह के कार्यालय पहुंचकर फरार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।मुख्य बिंदु:कार्यालय में हमला: दबंगों द्वारा कार्यालय में घुसकर ब्लॉक प्रमुख के ऊपर जानलेवा हमला करने की घटना की चौतरफा निंदा हो रही है।पुलिस की त्वरित कार्रवाई: पुलिस प्रशासन ने त्वरित एक्शन लेते हुए दबंगों के वाहन और हथियारों को जब्त कर लिया है।इनाम की घोषणा: मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सात आरोपियों के खिलाफ 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।तीन आरोपी गिरफ्तार: इनाम घोषित होते ही मुख्य सरगना समेत तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी है।सुलह से इनकार: सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय पार्टी (रापा) के कुछ बड़े नेता इस मामले में सुलह-समझौता कराना चाहते थे। हालांकि, ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह यादव ने अपने आत्मसम्मान से समझौता करने से साफ इनकार कर दिया और कानूनी कार्रवाई के रास्ते पर आगे बढ़े।"जिस भाषा में बात करेंगे, उसी भाषा में समझाएंगे"इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख उपेंद्र यादव, प्रमुख प्रतिनिधि संतोष यादव और ब्लॉक प्रमुख राजन सिंह भी मौजूद रहे। एमएलसी प्रतिनिधि प्रदीप पाठक ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि चाहे किसी भी दल का हो, वह हमारे लिए सम्मानित है। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि जनप्रतिनिधियों को अपमानित करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा, "अपराधी जिस भाषा में बात करेंगे, उन्हें उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।"राजनीतिक गलियारों में इस बात की जमकर चर्चा है कि भाजपा के कड़े रुख और इशारे के बाद ही पुलिस ने इतनी ताबड़तोड़ कार्रवाई की है, जिसके चलते पहली बार दबंगों पर इनाम घोषित कर उन्हें जेल भेजा गया है।