आरएसएस प्रांत प्रचारक के बड़े भाई पर जानलेवा हमला, बाल-बाल बचे; पुलिस सुरक्षा पर उठे सवाल
जखनिया : भुड़कुड़ा कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत मंद्राकनपुर कना गांव में शनिवार की रात उस समय सनसनी फैल गई, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कानपुर प्रांत प्रचारक श्री राम सिंह के बड़े भाई रणजीत सिंह पर बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। अंधेरे का फायदा उठाकर घात लगाए बैठे बदमाश ने उन पर तमंचे से फायर झोंक दिया, जिसमें वे बाल-बाल बच गए।
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार की रात रणजीत सिंह अपने घर के दरवाजे के सामने लगाई गई फुलवारी के पास थे। इसी दौरान वहां पतझड़ और अंधेरे की आड़ में छिपे एक बदमाश ने उन्हें निशाना बनाकर तमंचे से फायरिंग कर दी। गोली की आवाज सुनते ही रणजीत सिंह ने तेजी से भागकर अपनी जान बचाई। फायरिंग की आवाज सुनकर आस-पड़ोस के ग्रामीण और भारी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए।
रणजीत सिंह चार भाइयों में सबसे बड़े हैं। उनके छोटे भाई सभाजीत सिंह भाजपा के ब्लॉक महामंत्री पद पर कार्यरत थे। वे अपने सामाजिक कार्यों के चलते समाज में एक अच्छी पहचान बना चुके थे, जो उनके विरोधियों को खटकती थी। पूर्व में जमीनी विवाद और राजनीतिक रंजिश के चलते सभाजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसी रंजिश को रणजीत सिंह पर हुए इस ताजा हमले से जोड़कर देखा जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही भुड़कुड़ा कोतवाल प्रभारी धर्मेंद्र पांडे रात में ही पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने गांव के ही एक युवक को हिरासत में लिया है, जो बाजार से अपनी दुकान बंद कर घर लौटते समय रणजीत सिंह का हाल-चाल जानने रुका था। इस घटना ने स्थानीय पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि: रणजीत सिंह के घर से कुछ ही दूरी पर पुलिस चौकी स्थित है, फिर भी अपराधियों में पुलिस का कोई खौफ नहीं है।
सुरक्षा के लिहाज से उनके आवास पर रात के समय दो होमगार्डों की तैनाती रहती है, लेकिन घटना के वक्त दोनों ही होमगार्ड मौके पर मौजूद नहीं थे।
घटना के बाद रणजीत सिंह ने भुड़कुड़ा कोतवाली में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ लिखित तहरीर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए देर शाम पुलिस अधीक्षक (SP), क्षेत्राधिकारी (CO) और भारी संख्या में पुलिस बल पीड़ित के घर पहुंचा और सुरक्षा का जायजा लिया। पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।



