भीषण अग्निकांड: 8 परिवारों की 17 झोपड़ियां जलकर राख, लाखों का नुकसान

भीषण अग्निकांड: 8 परिवारों की 17 झोपड़ियां जलकर राख, लाखों का नुकसान

रेवतीपुर (स्थानीय)। स्थानीय थाना क्षेत्र के नारायनापुर गांव में सोमवार देर रात एक भयानक अग्निकांड हुआ। इस हादसे में आठ परिवारों की कुल 17 रिहायशी झोपड़ियां जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। आग की इस चपेट में आने से लाखों रुपये की संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है, हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।  अचानक भड़की आग, मची अफरा-तफरीजानकारी के अनुसार, घटना के समय यादव बस्ती के अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। तभी अचानक हीरा यादव की झोपड़ी से धुआं और आग की तेज लपटें उठती दिखाई दीं। तेज हवा के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की अन्य झोपड़ियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग लगते ही पूरे गांव में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।ग्रामीणों की सतर्कता से बचीं जानेंग्रामीणों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए सभी लोगों और मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों ने फौरन अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) को इसकी सूचना दी और खुद भी अपने स्तर पर आग बुझाने के प्रयास में जुट गए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।लाखों का सामान जलकर खाक, खुले आसमान के नीचे आए परिवारइस भीषण अग्निकांड में हीरा यादव की तीन झोपड़ियां, एक बाइक, डीजल मशीन, खाद्यान्न, नकदी और अन्य जरूरी सामान जल गया। इसके अलावा मोहित, दरोगा, नरेंद्र और अनिल की दो-दो झोपड़ियां तथा मनोज की एक, सुरेश की दो और कन्हैया की तीन झोपड़ियां पूरी तरह से नष्ट हो गईं। इन सभी परिवारों का घरेलू सामान, अनाज, कपड़े और पशुओं का चारा भी इस आग की भेंट चढ़ गया। सब कुछ बर्बाद हो जाने के कारण पीड़ित परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।प्रशासनिक मदद का भरोसाघटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम संजय यादव ने बताया कि राजस्व कर्मियों (लेखपाल) को मौके पर भेज दिया गया है। नुकसान का सटीक आकलन (क्षतिपूर्ति का आंकलन) कराया जा रहा है, ताकि पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द सरकारी सहायता और तत्काल मदद प्रदान की जा सके।