समूह से जुड़ने के लिए अब फेस रिकग्निशन होगा अनिवार्य
रानू पाण्डेय की रिपोर्ट
खानपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ने वाली महिलाओं के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब समूह की सदस्य बनने के लिए आधार सत्यापन के साथ-साथ फेस ऑथेंटिकेशन (फेस रिकग्निशन) भी अनिवार्य होगा। पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित महिला को समूह की सदस्यता प्रदान की जाएगी। मिशन अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था का उद्देश्य वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करना तथा फर्जीवाड़े की संभावनाओं को समाप्त करना है। इससे समूहों के गठन और संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र महिलाओं तक पहुंच सकेगा।सैदपुर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के एक दशक के कार्यकाल में अब तक करीब 996 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है, जिनसे लगभग 14 हजार महिलाएं जुड़ चुकी हैं।
अब वित्तीय वर्ष 2026-27 में 12 सौ नए स्वयं सहायता समूह गठित करने तथा 12 हजार परिवारों की महिलाओं को समूहों से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत प्रतिमाह करीब 600 महिलाओं को जोड़ने की योजना बनाई गई है। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक महिला का मोबाइल ऐप के माध्यम से फेस ऑथेंटिकेशन किया जाएगा। इसके जरिए आधार से जुड़े बायोमेट्रिक डाटा का सत्यापन होगा। इसके बाद ही सदस्यता स्वीकृत की जाएगी। ब्लॉक मिशन प्रबन्धक युवराज सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में नए समूहों के गठन के साथ पात्र महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। नए समूहों में पात्र गृहस्थी और अंत्योदय कार्डधारक परिवारों की महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वरोजगार और वित्तीय सशक्तिकरण से जोड़ा जा सके।अधिकारियों का कहना है कि अब तक महिलाओं को केवल आधार सत्यापन के आधार पर समूहों में शामिल किया जाता था, लेकिन नई तकनीक लागू होने से प्रक्रिया अधिक मजबूत और पारदर्शी होगी। इससे ऋण, प्रशिक्षण और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ वास्तविक पात्र महिलाओं तक ही पहुंच सकेगा।



