सैदपुर में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशासन की नई पहल

सैदपुर में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशासन की नई पहल

सैदपुर प्रशासन ने स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए एक नई और महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। ब्लॉक सभागार में आयोजित एक विशेष बैठक में उपजिलाधिकारी (SDM) और प्रभारी खंड विकास अधिकारी ज्योति चौरसिया ने महिलाओं के साथ सीधा संवाद किया और उन्हें नए रोजगार के अवसरों से जोड़ने की योजना पर विस्तार से चर्चा की। 

बैठक के मुख्य बिंदु और निर्णय:  मिड-डे मील सामग्री की आपूर्ति: परिषदीय विद्यालयों में चलने वाली मिड-डे मील योजना के लिए खाद्यान्न, मसाले, फल और दूध जैसी आवश्यक सामग्री अब किसी बाहरी दुकान के बजाय सीधे स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से खरीदी जा सकती है। यदि समूह इसके लिए विभाग से टाई-अप करते हैं, तो उन्हें स्थायी रोजगार और बेहतर आमदनी का अवसर मिलेगा।  यूनिफॉर्म सिलाई का काम: विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की यूनिफॉर्म की सिलाई का काम भी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सौंपने की योजना है। इसके लिए अभिभावकों को भी प्रेरित किया जाएगा कि वे समूहों से ही यूनिफॉर्म सिलवाएं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा। 

आर्थिक सुदृढ़ीकरण: एसडीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा महिलाओं को केवल बचत तक सीमित रखने की नहीं है, बल्कि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है। 

सराहना और उपस्थिति: प्रशासन की इस अनूठी पहल को देखकर बैठक में मौजूद महिलाएं काफी खुश नजर आईं और उन्होंने प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी यूसी राय समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और भारी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।