एक सचिव के भरोसे चल रहीं पांच समितियां, खाद के लिए किसान परेशान
रानू पाण्डेय की रिपोर्ट
खानपुर। विकासखंड सैदपुर के मौधा, नायकडीह तथा विकासखंड देवकली के देवचंदपुर, धरवा और बासूचक साधन सहकारी समितियां एक ही सचिव के भरोसे संचालित हो रही हैं। एकमात्र सचिव की तैनाती के कारण सप्ताह में पांच दिन अलग-अलग समितियों पर ताला लगा रहता है। ऐसे में किसानों को खाद लेने के लिए अपनी समिति खुलने का सप्ताह में केवल एक दिन इंतजार करना पड़ता है।किसानों का कहना है कि समय पर यूरिया नहीं मिलने से धान की फसल प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। नायकडीह के किसान रामकृष्ण सिंह, अलगू तथा सौना गांव के अधिवक्ता गोविंद सिंह यादव, प्रमोद यादव और विनोद यादव ने बताया कि यदि इस समय धान की फसल के लिए यूरिया नहीं मिली तो पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।किसानों ने मांग की है कि खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही खानपुर, मौधा और नायकडीह समितियों पर अलग-अलग सचिवों की तैनाती की जाए, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके।समिति के सचिव अजीत यादव ने बताया कि वर्तमान में मौधा और नायकडीह समितियों पर यूरिया उपलब्ध है। हालांकि पांच अलग-अलग समितियों का प्रभार होने के कारण प्रत्येक समिति पर सप्ताह में केवल एक दिन ही समय दे पाना संभव हो पाता है।



